Thursday, January 22, 2009

आने वाला पल जाने वाला है
हमारा दर्शन कहता है कि समय कभी ठहरता नहीं। हर आने वाला पल जाने के लिए ही आता है। हर पल को ऐसे जी लें कि जिंदगी से कोई शिकवा-शिकायत न रह जाए। हर क्षण को ऐसे जिएं कि मरने का खौफ तक न छू सके। एक सुहाना अतीत था, एक चुनौतीपूर्ण वर्तमान है, एक अनदेखा भविष्य है। वर्तमान के कार्य ही भविष्य को गढेंगे, इसलिए वर्तमान को ऐसा बनाएं कि भावी पीढियों के लिए अतीत की यादें सुखद हो सकें। आज को बेहतर बना सकें, यही संकल्प होना चाहिए।
नएवर्ष पर गुजरे लमहों को याद करना, भागते जा रहे समय से फुर्सत के कुछ पल चुराना अच्छा है। याद करना उस व्यापक विचारधारा को-जिसमें विचारों को सहन करने की क्षमता थी, समृद्ध संस्कृति को-जिसमें हर संस्कृति घुल-मिल जाती थी, महान दर्शन को-जिसमें संसार के सारे दर्शन निहित हैं..अच्छा है।
थोडी सी रूमानियत, अतीत में जीने की छोटी सी आकांक्षा बेहद जरूरी है, ताकि जिंदगी में, समाज में और समूचे विश्व में आए इस तूफानी बिखराव को समेटा जा सके, खौफ व आतंक के साये में जी रही जिंदगियों को थोडी दिलासा दी जा सके।

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