
कल मै अहमदाबाद में था ... बहुत ही अच्छा संयोग था कल ही भगवान् कृष्ण की भव्य रथयात्रा निकाली गयी थी जिसे देखने का सौभाग्य मुझे भी मिल गया उसके बाद हम कांकरिया तालाब घुमने गए बहुत ही मनोरम अनुभव था .... अंत में हमने अपने कुछ मित्रों के साथ साबरमती स्थित महात्मा गाँधी के आश्रम गए, एक पल को तो यह स्वर्णिम इतिहास को जीने जैसा अनुभव लग रहा था .... वहां के संग्रहालय में रखी गयी वस्तुएं ऐसी लग रही थी जैसे कल की हों ! एक अजीब सी शांति और सौम्यता का वातावरण था .... काफी देर घुमने के बाद ऐसा लगने लगा की हम कितने खुशनसीब हैं जो आज स्वतंत्रता की हवा में सांस ले रहे है ... कितने कष्ट सह कर क्रांतिकारियों ने हमें अंग्रेजों के चंगुल से हमें आजाद करवाया ... सच में वहां होना जैसे ऐतिहासिक घटनाओं के बीच खुद को देखने जैसा अनुभव था ... मैंने कभी भी ऐसा फ़ील नहीं किया था ... एक अजीब सा अहसास बार बार मन को झकझोर रहा था की हमने आज तक अपने देश के लिए क्या किया ? जब सब कुछ आसानी से मिल जाता है फिर भी हम सरकार, समाज और सिस्टम को गलियां देते रहतें है या फिर बुरा भला कहतें हैं पर उस समय ये भूल जातें हैं की हम उसी सरकार, समाज और सिस्टम का अभिन्न हिस्सा हैं .... ये सब भ्रष्ट हैं या गलत क्योंकि हम गलत हैं .... सफाई की शुरुआत हमें अपने आप से करनी होगी हम किसी और से ये उम्मीद नहीं कर सकते की कोई आएगा और हमारे लिए सब कुछ अच्छा करेगा. ये कम तो हमारा है और हमें खुद ही करना है ... हम भले ही एक दिन में सब कुछ नहीं सुधर सकते पर एक काम जो हम जरूर कर सकतें है की हम खुद सुधर सकतें है .... यकीन मानिये जिस पल से हम इमानदार हो जायेंगे .. कुछ हो न हो पर देश से बेईमानों की संख्या में एक अंक की कमी हो जाएगी .... और यही बहुत है... यदि हर व्यक्ति केवल अपने हिस्से की जिम्मेदारियां सही तरीके से निभाने लग जाये तो किसी क्रांति की आवश्यकता ही नहीं रहेगी ...
महात्मा गाँधी ने दुनिया को नई बात नहीं सिखलाई उन्होंने खुद कहा है की " मैंने दुनियां को कोई नई चीज नहीं सिखलाई सत्य और अहिंसा तो अनादी काल से चले आ रहे हैं " और " मेर जीवन ही मेरा सन्देश है " सच है की कोई गाँधी को तीन गोलियों से नहीं मार सकता .. गाँधी एक सोच हैं जो सदियों तक लोगों को अपने अंतर्चेतना में झांकने और जगाने के लिए हमेशा मजबूर करती रहेगी ....
किताबों में पढना एक अलग बात है पर उसे सच में अनुभव करना एक बिलकुल ही अलग बात है .....
मै उस इश्वर का धन्यवाद देता हूँ जिसने मुझे इतना अच्छा जीवन दिया ...... जय हिंद ....